'पीएम मोदी जनता की बात सुनें', वांगचुक बोले- डॉक्टर-इंजीनियर भी नकल से बनेंगे तो देश कैसे बढ़ेगा?


 लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने देश में बढ़ते परीक्षा घोटालों और नकल की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर नकल के जरिए बनेंगे तो देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आम लोगों की आवाज सुनने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसकी शिक्षा प्रणाली और योग्य युवाओं पर निर्भर करती है। यदि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और नकल जैसी घटनाएं होती रहेंगी, तो इसका सीधा असर देश की विकास यात्रा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे।

वांगचुक ने कहा, "अगर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी योग्यता के बजाय नकल के दम पर बनेंगे, तो देश आगे कैसे बढ़ेगा?" उन्होंने इस मुद्दे को केवल शिक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि देश के भविष्य और संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न बताया।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिल सके। वांगचुक ने यह भी कहा कि युवाओं में बढ़ती निराशा को दूर करना समय की जरूरत है।

हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखी गई है। ऐसे में वांगचुक का यह बयान शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

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