संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामे का दौर जारी रहा। विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्षी दलों के सांसद लगातार सदन में नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठाई। विपक्ष का कहना था कि इस मामले ने देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है, इसलिए इस पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही विपक्ष ने अन्य समसामयिक मुद्दों को भी उठाने का प्रयास किया।
लगातार हो रहे शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों को कार्यवाही चलाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई बार सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की गई, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा।
स्थिति सामान्य न होने पर पहले सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की गई। बाद में दोबारा बैठक शुरू होने पर भी गतिरोध जारी रहा। विपक्ष के रुख में कोई बदलाव नहीं दिखा और सांसद लगातार चर्चा की मांग करते रहे। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दूसरी बार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक का मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया है। विपक्ष सरकार से इस मामले में जवाब मांग रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कह रहा है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अब सभी की नजरें दोपहर बाद होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच किसी प्रकार की सहमति बनती है या फिर संसद में गतिरोध आगे भी जारी रहता है।
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