विदेश यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। एअर इंडिया ने अपनी चुनिंदा लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) में कटौती कर दी है। यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी हैं। कंपनी का यह फैसला वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई नरमी के बाद लिया गया है।
एयर इंडिया ने उत्तर अमेरिका (North America), यूरोप (Europe), यूनाइटेड किंगडम (UK) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम किया है। नई व्यवस्था के तहत उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए फ्यूल सरचार्ज 280 डॉलर से घटाकर 200 डॉलर प्रति टिकट कर दिया गया है। वहीं, यूरोप और यूके के लिए यह शुल्क 205 डॉलर से घटाकर 125 डॉलर कर दिया गया है। कुछ रूट्स पर यह कटौती करीब 39% तक है।
यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
फ्यूल सरचार्ज किसी भी हवाई टिकट की कुल कीमत का एक हिस्सा होता है। इसमें कमी आने का मतलब है कि नई बुकिंग कराने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में कम किराया चुकाना पड़ सकता है। हालांकि टिकट की अंतिम कीमत कई अन्य कारकों जैसे बेस फेयर, टैक्स, एयरपोर्ट शुल्क और सीट उपलब्धता पर भी निर्भर करती है। इसलिए हर रूट और तारीख पर राहत की राशि अलग-अलग हो सकती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कुछ महीने पहले पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल आया था। बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए एअर इंडिया ने अप्रैल में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू किया था। अब ईंधन की कीमतों में नरमी आने के बाद कंपनी ने चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर यह अतिरिक्त शुल्क घटाने का फैसला किया है।
क्या सभी उड़ानों पर लागू होगी कटौती?
फिलहाल यह राहत केवल कुछ लॉन्ग-हॉल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लागू की गई है। घरेलू उड़ानों और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अगर आप आने वाले दिनों में अमेरिका, यूरोप, यूके या ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह फैसला आपकी यात्रा लागत को कुछ हद तक कम कर सकता है। टिकट बुक करने से पहले संबंधित रूट का किराया और लागू शुल्क जरूर जांच लें, ताकि आपको नई दरों का पूरा लाभ मिल सके।
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