Satya Nadella ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और यूजर डेटा को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में लोग अनजाने में AI सेवाओं के लिए "दोहरी कीमत" चुका रहे हैं। एक तरफ वे विभिन्न डिजिटल सेवाओं के लिए पैसे दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका कीमती व्यक्तिगत डेटा भी कंपनियों के पास मुफ्त में पहुंच रहा है।
नडेला के मुताबिक, मौजूदा इंटरनेट मॉडल में यूजर डेटा सबसे मूल्यवान संसाधन बन चुका है। AI कंपनियां और टेक प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं की ऑनलाइन गतिविधियों, पसंद-नापसंद, सर्च पैटर्न और अन्य जानकारियों का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता केवल ग्राहक ही नहीं, बल्कि डेटा प्रदाता की भूमिका भी निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा सिस्टम विकसित करने की जरूरत है, जिसमें लोगों को अपने डेटा पर अधिक नियंत्रण मिले और यह स्पष्ट हो कि उनका डेटा किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। नडेला ने "डेटा स्वामित्व" (Data Ownership) और "डेटा ट्रस्ट" जैसे मॉडलों पर जोर देते हुए कहा कि उपयोगकर्ताओं को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे अपना डेटा किस कंपनी के साथ साझा करना चाहते हैं और उसके बदले उन्हें क्या लाभ मिलेगा।
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