AI Chatbots: बच्चों में एआई चैटबॉट्स की लत लगाने वाले फीचर्स पर लग सकती है रोक, अमेरिका में 'एडिक्टिव डिजाइन' बिल पेश


 अमेरिका में बच्चों और किशोरों को एआई चैटबॉट्स की संभावित लत से बचाने के लिए एक नया विधेयक पेश किया गया है। 'एडिक्टिव डिजाइन' (Addictive Design) बिल का उद्देश्य ऐसे फीचर्स पर रोक लगाना है, जो बच्चों को लंबे समय तक एआई चैटबॉट्स से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करते हैं या उनकी निर्भरता बढ़ा सकते हैं।

प्रस्तावित बिल के तहत उन डिजाइन तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो यूजर्स को बार-बार बातचीत जारी रखने, लगातार नोटिफिकेशन भेजने या भावनात्मक रूप से चैटबॉट्स से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। कानून बनाने वालों का मानना है कि इस तरह के फीचर्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार और डिजिटल आदतों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आज कई एआई चैटबॉट्स पहले की तुलना में अधिक मानवीय और संवादात्मक हो गए हैं। ऐसे में कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए यह समझना कठिन हो सकता है कि वे किसी इंसान नहीं, बल्कि एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सिस्टम से बात कर रहे हैं। इसी वजह से नीति-निर्माता सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

प्रस्तावित कानून में कंपनियों से यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जा सकती है कि उनके एआई उत्पादों में बच्चों को बार-बार प्लेटफॉर्म पर लौटने के लिए प्रेरित करने वाले या अत्यधिक उपयोग को बढ़ावा देने वाले फीचर्स शामिल न हों। साथ ही, आयु-उपयुक्त सुरक्षा उपाय, अभिभावकीय नियंत्रण और पारदर्शिता बढ़ाने जैसे प्रावधानों पर भी जोर दिया जा रहा है।

तकनीकी कंपनियों का कहना है कि वे पहले से ही अपने एआई प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा उपाय लागू कर रही हैं। इनमें संवेदनशील विषयों पर सीमित जवाब, आयु-आधारित सुरक्षा और अनुचित सामग्री से बचाव जैसे फीचर्स शामिल हैं। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल स्वैच्छिक कदम पर्याप्त नहीं हैं और स्पष्ट कानूनी नियमों की आवश्यकता है।

यदि यह विधेयक पारित होता है, तो अमेरिका में एआई चैटबॉट्स विकसित करने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों के डिजाइन और सुरक्षा मानकों में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव केवल अमेरिकी बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में एआई सेवाओं के नियमन और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को भी प्रभावित कर सकता है।

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