अमेरिका के 30+ वॉटर सिस्टम निशाने पर, मिस्र पर पहली चोट; ईरान ने दो गैस जहाज तबाह किए?


 ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच साइबर और ड्रोन हमलों का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका में 30 से अधिक जल आपूर्ति प्रणालियों पर कथित साइबर हमलों की खबरें सामने आई हैं, जबकि मिस्र पहली बार सीधे इस संघर्ष की चपेट में आता दिखा है। वहीं मिस्र के दामिएटा (Damietta) बंदरगाह पर दो गैस जहाजों पर ड्रोन हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में 30 से अधिक जल एवं अपशिष्ट जल प्रणालियों पर साइबर हमले हुए। प्रारंभिक खुफिया आकलनों में इन हमलों का संबंध ईरान समर्थित हैकर समूहों से जोड़ा जा रहा है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है। इन हमलों से कुछ जगहों पर जल सेवाएं प्रभावित हुईं, लेकिन अब तक सार्वजनिक स्वास्थ्य को बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

उधर, मिस्र के दामिएटा बंदरगाह पर ड्रोन हमले में दो गैस पोतों में आग लग गई। इनमें अमेरिकी स्वामित्व से जुड़ा फ्लोटिंग गैस स्टोरेज जहाज Energos Winter भी शामिल था। आग पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि मिस्र सरकार ने इस हमले की पुष्टि की है, लेकिन अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। कुछ सुरक्षा आकलनों में ईरान की भूमिका की आशंका जताई गई है, जबकि तेहरान ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा अवसंरचना और जल प्रणालियों पर इस तरह के हमले जारी रहे, तो मध्य पूर्व में समुद्री व्यापार, एलएनजी आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर व्यापक असर पड़ सकता है। साथ ही, साइबर युद्ध के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को निशाना बनाए जाने का खतरा बढ़ गया है।

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