20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, बोले- 'जरूरत पड़ी तो भूत बनकर वापस आऊंगा'


 प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 20वें दिन भी जारी है। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने देशभर में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है।

अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने भावुक अंदाज में कहा कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई, तो वह "भूत बनकर भी वापस आएंगे" और अपने मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उनके इस बयान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

वांगचुक का कहना है कि शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

अनशन के 20 दिन पूरे होने के बावजूद सोनम वांगचुक अपने रुख पर कायम हैं। इस दौरान उनके समर्थकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। कई लोगों ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

हालांकि, लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और समर्थकों ने उनकी सेहत पर नजर बनाए रखी है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सोनम वांगचुक का यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण और जनसरोकारों से जुड़े व्यापक मुद्दों की बहस का केंद्र बनता जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कोई समाधान निकलता है या नहीं।

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