अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। अमेरिका का दावा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जिन्हें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य युद्ध को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने सैनिकों, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम बताया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां तनाव को और बढ़ा सकती हैं। हालांकि, अब तक दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत की संभावनाएं तलाशने की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर बनी हुई है। यदि तनाव में कमी नहीं आई, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
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