World Dengue Day: डेंगू को खतरनाक बना देती हैं ये बातें, मानसून में बुखार के साथ इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज


 मानसून के मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। मच्छरों से फैलने वाली यह बीमारी कई बार सामान्य वायरल बुखार जैसी लगती है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। विश्व डेंगू दिवस (World Dengue Day) के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को डेंगू के लक्षणों और खतरे के संकेतों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

क्या है डेंगू?

डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर आमतौर पर साफ और जमा पानी में पनपता है तथा दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है।

डेंगू के सामान्य लक्षण

डेंगू की शुरुआत अक्सर तेज बुखार से होती है। इसके साथ ये लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:

  • 102-104 डिग्री तक तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • आंखों के पीछे दर्द
  • शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • कमजोरी और थकान
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • मतली या उल्टी

ये संकेत बताते हैं कि डेंगू गंभीर हो रहा है

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये गंभीर डेंगू (Severe Dengue) के संकेत हो सकते हैं:

  • लगातार उल्टी होना
  • पेट में तेज दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • नाक या मसूड़ों से खून आना
  • मल या उल्टी में खून दिखना
  • अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी
  • चक्कर आना या बेहोशी
  • प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना

यदि बुखार के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डेंगू को खतरनाक क्या बनाता है?

डेंगू के गंभीर मामलों में शरीर से प्लाज्मा का रिसाव, रक्तस्राव और अंगों पर असर पड़ सकता है। कई बार मरीज बुखार कम होने के बाद खुद को ठीक समझ लेता है, जबकि यही समय जटिलताओं के बढ़ने का हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की निगरानी और नियमित जांच बेहद जरूरी है।

बचाव के लिए क्या करें?

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
  • बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

कब कराएं जांच?

मानसून के दौरान यदि तेज बुखार दो दिन से अधिक रहे या उसके साथ शरीर दर्द, चकत्ते या कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो डेंगू की जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

डेंगू का समय पर पता चल जाए तो अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। लेकिन गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। मानसून में बुखार को हल्के में लेने के बजाय सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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