UNSC में भारत की दोटूक: स्कूलों और बच्चों को निशाना बनाने वालों की तय हो जवाबदेही


 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में भारत ने बच्चों और स्कूलों पर बढ़ते हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने स्पष्ट कहा कि सशस्त्र संघर्षों के दौरान स्कूलों, छात्रों और शिक्षकों को निशाना बनाने वालों की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भारत ने कहा कि किसी भी संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत मासूम बच्चे चुकाते हैं। शिक्षा संस्थानों पर हमले न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि उनके भविष्य और शिक्षा के अधिकार पर भी गंभीर असर डालते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर ऐसे हमलों को रोकने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

सुरक्षा परिषद में भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हर हाल में पालन होना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा तक उनकी पहुंच और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता उपलब्ध कराना वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारत ने सदस्य देशों से अपील की कि वे बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त रुख अपनाएं और यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों तथा शिक्षा संस्थानों को किसी भी सैन्य गतिविधि या हमले का निशाना न बनाया जाए। भारत ने कहा कि जवाबदेही तय होने से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और बच्चों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा संभव होगी।

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