The Bonus Market Update: सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24 हजार के नीचे; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली


 शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 750 अंकों से अधिक टूटकर 76,694 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी, जहां निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते सेक्टोरल इंडेक्स में करीब 6% तक की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टेक कंपनियों की आय को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसका असर देश की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह निवेशकों का जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाना भी रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता ने बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। बैंकिंग, ऑटो और मेटल शेयरों में भी दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।

हालांकि बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। हाल के दिनों में रुपये में मजबूती देखने को मिली है, जो विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकती है। मजबूत रुपया आयात लागत को कम करता है और अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत माना जाता है।

इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने भी निवेशकों को उम्मीद दी है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव घट सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक खबर मानी जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई नियंत्रण में रखने और कॉरपोरेट लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़े, रुपये की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी आने वाले दिनों में बाजार को सहारा दे सकती है। अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

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