प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रिकॉर्ड कार्यकाल के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार सबसे लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री के रूप में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया। इस मौके पर उन्होंने देश की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सेवा, विकास और सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में उनकी सरकार ने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को केंद्र में रखकर काम किया है। उन्होंने कहा कि देश के गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गईं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सरकार का हर निर्णय देशहित और जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक गति तथा समर्पण के साथ काम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, आधारभूत संरचना के विस्तार, गरीब कल्याण योजनाओं और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछले एक दशक में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने इसे 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति और प्रयास का परिणाम बताया।
इस अवसर पर भाजपा नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। पार्टी नेताओं ने उनके नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति को ऐतिहासिक बताया। वहीं विपक्षी दलों ने सरकार के कार्यकाल को लेकर अपने सवाल और आलोचनाएं भी दोहराईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभालने के बाद उनका यह लंबा कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सर्वोच्च दायित्व है और वे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ आगे भी पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
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