PM Modi Foreign Visit: पीएम मोदी फ्रांस के लिए रवाना, G-7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा; स्लोवाकिया भी जाएंगे


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने बहुप्रतीक्षित विदेश दौरे पर फ्रांस के लिए रवाना हो गए। इस दौरे के दौरान वे जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की यात्रा पर जाएंगे, जहां दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर रहेगा।

फ्रांस में क्या रहेगा कार्यक्रम?

प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रूस-यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों से द्विपक्षीय मुलाकातें भी प्रस्तावित हैं। भारत की ओर से वैश्विक दक्षिण (Global South) की चिंताओं को प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है।

मैक्रों के साथ होगी अहम बैठक

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच होने वाली बैठक पर विशेष नजर रहेगी। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।

रक्षा क्षेत्र में राफेल लड़ाकू विमानों, पनडुब्बी तकनीक और संयुक्त रक्षा उत्पादन से जुड़े विषय भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। भारत और फ्रांस पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदार के रूप में बेहद करीब आए हैं।

स्लोवाकिया दौरा क्यों है खास?

फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह दौरा भारत और मध्य यूरोप के देशों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, रक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की यूरोप नीति को और मजबूती देगी तथा नए आर्थिक अवसरों के द्वार खोलेगी।

भारत की वैश्विक भूमिका पर रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। जी-7 सम्मेलन में भारत की मौजूदगी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच उसकी बढ़ती अहमियत को दर्शाती है। वहीं फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ होने वाली वार्ताएं भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

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