पुणे के चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पुलिस के हाथ ऐसे अहम सबूत लगे हैं, जो इस मामले के मुख्य आरोपियों सिया और चेतन के खिलाफ जांच को मजबूत कर सकते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि वारदात से पहले और उसके दौरान हुई गतिविधियां किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रही हैं।
जांच के दौरान सामने आए शुरुआती सबूतों के मुताबिक, लोहागढ़ किले पर घटना से ठीक पहले सिया ने कथित तौर पर एक खास इशारा किया था। पुलिस इस इशारे को बेहद अहम मान रही है और आशंका जता रही है कि इसके बाद ही केतन को धक्का दिया गया। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस अब एक कथित "सीक्रेट कॉल" की भी पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं को शक है कि घटना से पहले या उसके आसपास हुई फोन बातचीत में वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग छिपे हो सकते हैं। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले आरोपियों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी।
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन ने स्कूटर से पुणे से लोहागढ़ किले तक करीब 100 किलोमीटर का सफर किया था। अधिकारियों का मानना है कि यह यात्रा अचानक नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा हो सकती है। इसी वजह से पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि स्कूटर का इस्तेमाल क्यों किया गया, रास्ते में किन-किन जगहों पर आरोपी रुका और इस पूरी यात्रा का उद्देश्य क्या था।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केतन अग्रवाल मर्डर केस अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि हर नए सबूत के साथ इसकी गुत्थी और उलझती जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और डिजिटल साक्ष्यों से इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।
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