केरल में एक साथ दो संक्रामक बीमारियों—शिगेला और निपाह वायरस—को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री K. Muraleedharan के अनुसार, निपाह वायरस से संक्रमित मरीज की स्थिति स्थिर बनी हुई है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की जांच की गई है और अब तक सभी नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
निपाह को लेकर अलर्ट तब जारी किया गया जब कोझिकोड जिले में 43 वर्षीय एक व्यक्ति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद संपर्क में आए लोगों की पहचान कर निगरानी शुरू कर दी गई।
वहीं शिगेला संक्रमण के मामले भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में इस वर्ष शिगेला से कई लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक चार मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। हाल ही में मलप्पुरम जिले में सात वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सख्त कर दी है।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक शिगेला के 135 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि जून महीने में ही दर्जनों नए संक्रमण पाए गए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में वायनाड, कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि शिगेला के मामले तिरुवनंतपुरम, वायनाड और कुछ अन्य क्षेत्रों में मिले थे, लेकिन सरकारी प्रयासों के कारण स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रण में है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण शिगेला संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जबकि निपाह वायरस को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वच्छ भोजन और पानी का उपयोग करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी है।
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