मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज क्षेत्र के प्रबंधन और सुरक्षा में ईरान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात के बाद क्षेत्र में युद्ध से पहले जैसी स्थिति की वापसी अब संभव नहीं दिखती।
गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इसके भविष्य को लेकर किसी भी निर्णय में ईरान की केंद्रीय भूमिका रहेगी।
ईरानी स्पीकर ने संकेत दिया कि हालिया घटनाओं ने पश्चिम एशिया के रणनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। उनके अनुसार, क्षेत्र में हुए संघर्षों और सैन्य गतिविधियों के बाद पुरानी व्यवस्था के तहत हालात सामान्य होने की उम्मीद करना वास्तविकता से दूर होगा। उन्होंने कहा कि नए भू-राजनीतिक परिदृश्य में सभी देशों को बदली परिस्थितियों को स्वीकार करना होगा।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों में ऊर्जा निर्यात के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है या यातायात प्रभावित होता है, तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर राजनीतिक और सैन्य गतिविधि पर दुनिया की नजर रहती है।
बढ़ सकती है कूटनीतिक हलचल
गालिबाफ के बयान को ईरान की रणनीतिक सोच का संकेत माना जा रहा है। इससे साफ है कि तेहरान क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिका, खाड़ी देशों और अन्य वैश्विक शक्तियों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती बयानबाजी और तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा सकता है। ऐसे में दुनिया की निगाहें अब ईरान और पश्चिमी देशों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ