George Kurian Resigns: केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, PM और राष्ट्रपति ने दी मंजूरी; कैसा रहा उनका कार्यकाल?


 केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रहे George Kurian ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। यह जानकारी राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा उनके राज्यसभा कार्यकाल की समाप्ति के बाद आया है। वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे और उनका कार्यकाल जून 2026 में पूरा हुआ। पार्टी द्वारा उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किए जाने के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने की संवैधानिक संभावना भी समाप्त हो गई थी।

कैसा रहा जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल?

जॉर्ज कुरियन जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री बनाए गए थे। उन्होंने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

केरल से आने वाले कुरियन भाजपा के उन चुनिंदा ईसाई चेहरों में रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन में काम किया। वह भाजपा की स्थापना के समय से ही पार्टी से जुड़े रहे और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सहित कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।

आगे क्या?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, क्योंकि उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था। हालांकि, भाजपा संगठन में उनकी लंबे समय से सक्रिय भूमिका को देखते हुए भविष्य में उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।

फिलहाल उनके इस्तीफे ने केंद्र सरकार और भाजपा संगठन में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।

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