FIFA World Cup: न्यूजीलैंड से ड्रॉ के बाद ईरान को तुरंत अमेरिका छोड़ने का आदेश? कोच ने फीफा पर लगाए गंभीर आरोप


 फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। टीम के मुख्य कोच ने दावा किया है कि खिलाड़ियों और स्टाफ को अमेरिका में ठहरने को लेकर गंभीर प्रशासनिक और वीजा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें निर्धारित कार्यक्रम से पहले देश छोड़ने के निर्देश मिले।

2026 FIFA World Cup के ग्रुप-जी मुकाबले में Iran national football team और New Zealand national football team के बीच मुकाबला 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के बाद ईरानी कोच ने फीफा की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ अन्य देशों की तुलना में अलग व्यवहार किया गया।

कोच का दावा है कि यात्रा, आवास और प्रशासनिक मंजूरियों से जुड़े मुद्दों ने खिलाड़ियों की तैयारी को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि टीम को लगातार अनिश्चितता का सामना करना पड़ा और कुछ फैसले ऐसे थे, जिनसे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच असंतोष पैदा हुआ। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए।

दूसरी ओर, फीफा और टूर्नामेंट आयोजकों की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आयोजन समिति का कहना है कि सभी टीमों को निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत समान सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मैदान पर ईरान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया और मैच ड्रॉ रहने के कारण ग्रुप-जी की स्थिति रोचक हो गई है। टीम अब अपने अगले मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, लेकिन कोच के बयानों ने टूर्नामेंट के बाहर एक नई बहस छेड़ दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो यह विश्व कप आयोजन और टीमों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। वहीं फीफा की प्रतिक्रिया और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

फिलहाल, ईरान की टीम मैदान के प्रदर्शन के साथ-साथ इन विवादों के कारण भी सुर्खियों में बनी हुई है।

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