राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: देवरिया में गरजे CM योगी, बोले- रामभक्तों की अग्निपरीक्षा न लें, सबूत हैं तो SIT को सौंपें


 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने देवरिया में आयोजित एक जनसभा के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना तथ्यों के भ्रम फैलाना उचित नहीं है और यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस सबूत हैं तो उन्हें सीधे एसआईटी को सौंपना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, "दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।"

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जनता की धार्मिक भावनाओं को भड़काने और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर राजनीति करना या झूठे आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार व्यवहार की जरूरत होती है, न कि अफवाहें फैलाने की।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास चोरी या अनियमितता से संबंधित कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से सच्चाई सामने नहीं आती, बल्कि सबूतों के आधार पर ही न्याय संभव है।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो, दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि "रामभक्तों की अग्निपरीक्षा लेने की कोशिश न करें। यदि किसी के पास प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी को दें, सरकार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

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