भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। कम उम्र में ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और निडर अंदाज से पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी लगातार साबित कर रहे हैं कि बड़े मैचों का दबाव उन्हें परेशान नहीं करता, बल्कि उनका खेल और निखर जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमी उन्हें प्यार से 'बेबी बॉस' कहने लगे हैं।
वैभव की सबसे बड़ी खासियत उनकी आक्रामक मानसिकता है। चाहे सामने अनुभवी गेंदबाज हों या मैच का महत्वपूर्ण मोड़, युवा बल्लेबाज बिना किसी झिझक के अपने शॉट खेलता है। कई मौकों पर देखा गया है कि जब टीम दबाव में होती है, तब वैभव और अधिक आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हैं और विपक्षी टीम पर पलटवार कर देते हैं।
हालिया मुकाबलों में भी उन्होंने यही साबित किया। मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर उतरकर उन्होंने तेज गति से रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में टाइमिंग, पावर और मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता साफ दिखाई देती है। यही गुण उन्हें अपनी उम्र के अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव में बड़े खिलाड़ी बनने की सभी खूबियां मौजूद हैं। उनकी तकनीक मजबूत है, शॉट चयन प्रभावी है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि वे दबाव में घबराने के बजाय मुकाबले का आनंद लेते हैं। यही मानसिकता महान खिलाड़ियों की पहचान होती है।
कम उम्र में मिली सफलता के बावजूद वैभव का आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की इच्छा उन्हें आगे बढ़ा रही है। यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि जब भी मुकाबला बड़ा होता है और दबाव बढ़ता है, 'बेबी बॉस' का बल्ला और जोर से गरजने लगता है। यही कारण है कि वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य ही नहीं, वर्तमान का भी एक रोमांचक चेहरा माना जा रहा है।
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