जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान "मैं बॉस हूं" कहकर सुर्खियों में आए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपने बयान पर सफाई दी है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने यह टिप्पणी मजाकिया अंदाज में की थी, लेकिन दुनिया भर में इसे गंभीरता से लिया गया और इसका गलत अर्थ निकाला गया।
ट्रंप ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी विश्व नेता पर अपनी श्रेष्ठता दिखाना या खुद को दूसरों से ऊपर साबित करना नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल हल्के-फुल्के माहौल में की गई एक टिप्पणी थी, जिसे संदर्भ से अलग करके देखा गया।
जी7 सम्मेलन के दौरान ट्रंप की यह टिप्पणी तेजी से सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गई थी। कई राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी नेताओं ने इसे अमेरिका की आक्रामक नेतृत्व शैली से जोड़कर देखा, जबकि उनके समर्थकों ने इसे ट्रंप के विशिष्ट हास्य और आत्मविश्वास का हिस्सा बताया।
अब सफाई देते हुए ट्रंप ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोग कभी-कभी मजाक और गंभीर बयान के बीच का अंतर समझने में चूक जाते हैं। ट्रंप के अनुसार, उनकी टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए था जिसमें वह कही गई थी।
जी7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, इन विषयों के साथ-साथ ट्रंप का "मैं बॉस हूं" वाला बयान भी सम्मेलन के सबसे चर्चित पलों में शामिल रहा।
ट्रंप की ताजा सफाई के बाद भी इस बयान को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग इसे एक साधारण मजाक मान रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि विश्व नेताओं के बीच ऐसे बयान अलग-अलग संदेश दे सकते हैं। फिलहाल ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वह केवल मजाक कर रहे थे।
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