केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को एक नया नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत अब कफ सिरप समेत सभी प्रकार की सिरप वाली दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकेंगी। नए नियम के अनुसार, किसी भी ग्राहक को ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टर की वैध पर्ची दिखाना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला दवाओं के गलत इस्तेमाल और स्वयं उपचार (सेल्फ मेडिकेशन) की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कफ सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाओं के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं, जिनके कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं देखने को मिली हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दवा वितरण प्रणाली को और सख्त बनाने का निर्णय लिया है।
नए निर्देशों के तहत मेडिकल स्टोर संचालकों को भी सख्ती से नियमों का पालन करना होगा। बिना प्रिस्क्रिप्शन सिरप वाली दवाएं बेचने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोग सामान्य खांसी-जुकाम या अन्य छोटी स्वास्थ्य समस्याओं में बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं खरीद लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए डॉक्टर की सलाह को अनिवार्य बनाना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। मंत्रालय का मानना है कि इस फैसले से दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और मरीजों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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