दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और लगातार सामने आ रही चरम मौसम की घटनाओं ने देशों के सामने नई आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा, संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपशिष्ट पुनर्चक्रण (वेस्ट रीसाइक्लिंग) और एथेनॉल नीति में व्यापक सुधार समय की मांग बन गए हैं।
हाल के वर्षों में दुनिया ने युद्ध, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, ऊर्जा संकट और असामान्य मौसम की घटनाओं का असर देखा है। इससे कच्चे माल, ईंधन और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता तथा कीमतों पर दबाव बढ़ा है। भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश के लिए यह स्थिति आर्थिक विकास और सतत विकास लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती पेश करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण की बेहतर व्यवस्था न केवल पर्यावरण प्रदूषण को कम कर सकती है, बल्कि मूल्यवान संसाधनों की पुनर्प्राप्ति के जरिए अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे सकती है। प्लास्टिक, धातु, इलेक्ट्रॉनिक कचरा और जैविक अपशिष्ट के प्रभावी पुनर्चक्रण से आयात पर निर्भरता कम करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
वहीं, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को भी भारत की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पेट्रोल में एथेनॉल के अधिक उपयोग से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाई जा सकती है और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल उत्पादन, कच्चे माल की उपलब्धता, जल उपयोग और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए नीति में संतुलित सुधार आवश्यक हैं।
चरम मौसम की घटनाएं, जैसे अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और सूखा, कृषि उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना देश की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अपशिष्ट पुनर्चक्रण तंत्र को मजबूत करने, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और एथेनॉल नीति को अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में कदम उठाता है, तो वह वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु संबंधी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकता है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि आर्थिक विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ