प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश अब नकारात्मक सोच और निराशावादी मानसिकता से आगे निकल चुका है। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक शक्तियाँ वर्षों तक भारत को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखने की नीति पर चलती रहीं और आज भी आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाने का प्रयास कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। देश रक्षा उत्पादन से लेकर अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है।
मोदी ने कहा कि कुछ लोग हमेशा देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हैं और दुनिया के सामने भारत की छवि को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग हर सकारात्मक पहल में कमियां ढूंढ़ने का प्रयास करते हैं। लेकिन अब देश की जनता उनकी राजनीति को समझ चुकी है और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला कर चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी क्षमता और युवा शक्ति की सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भारत की क्षमता पर संदेह करते थे, वे आज देश की उपलब्धियों को देखकर हैरान हैं।
अपने संबोधन में मोदी ने जनता से विकास और आत्मनिर्भरता के इस अभियान को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच, नवाचार और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। भारत अब निराशा और निर्भरता के दौर से निकलकर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा आत्मनिर्भर भारत का सपना देश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा

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