प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्लोवाकिया की राजधानी Bratislava में भारतीय संस्कृति की झलक देखने के बाद 'बनारस कनेक्शन' का जिक्र करते हुए कलाकारों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ब्रातिस्लावा में उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र बनारस की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का एहसास हुआ।
एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान भारतीय परंपराओं, संगीत और नृत्य की प्रस्तुति से प्रभावित प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश की धरती पर भारतीय संस्कृति को जीवंत रूप में देखना गर्व का विषय है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण और भारतीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति ने भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उन कलाकारों की तारीफ की, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय और लोक कलाओं के माध्यम से भारत की विविधता को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के बीच आपसी समझ और मित्रता को नई ऊंचाई देते हैं।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि बनारस केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। ब्रातिस्लावा में भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों का उत्साह देखकर उन्हें बनारस की याद आ गई। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति की पहुंच दुनिया के कोने-कोने तक है।
प्रधानमंत्री ने कलाकारों को भारत का सांस्कृतिक दूत बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और प्रतिभा के कारण दुनिया में भारत की सकारात्मक पहचान मजबूत हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएंगे।
पीएम मोदी की इस टिप्पणी को भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक स्तर पर भारतीय विरासत के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रातिस्लावा में 'बनारस कनेक्शन' का उनका उल्लेख कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ