Amarnath Yatra 2026: 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच संपन्न हुई प्रथम पूजा, 3 जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा


 दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में श्रद्धा और आस्था के माहौल के बीच सोमवार को पारंपरिक प्रथम पूजा (First Puja) संपन्न हुई। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से पूरी गुफा गूंज उठी। इसी धार्मिक अनुष्ठान के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। अब श्रद्धालुओं के लिए पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी।

प्रथम पूजा में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों, पुजारियों, साधु-संतों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। विधि-विधान से बाबा बर्फानी की पूजा-अर्चना की गई और देश-दुनिया की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की गई। हर वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले यह विशेष पूजा आयोजित की जाती है, जिसे यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है।

इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के अमरनाथ यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। दोनों पारंपरिक मार्ग—पहलगाम और बालटाल—पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन, संचार व्यवस्था और लंगर सेवाओं को भी मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन पर्वतीय रास्तों को पार कर यहां पहुंचते हैं।

श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपना अनिवार्य पंजीकरण कराएं, स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रा के दौरान जारी सभी सुरक्षा और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए जरूरी होगा।

प्रथम पूजा के सफल आयोजन के साथ अब श्रद्धालुओं की नजर 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर है। उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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