मुंह में निकला एक छोटा-सा घाव, जिसे शुरुआत में सामान्य छाला समझकर नजरअंदाज किया गया, बाद में स्टेज-2 ओरल कैंसर निकला। समय रहते सही जांच नहीं होने के कारण स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसकी जीभ का एक हिस्सा सर्जरी के जरिए निकालना पड़ा। यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि मुंह में होने वाले लगातार बने रहने वाले घावों या छालों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता पेशे से एक नर्स थी। शुरुआत में उसे लगा कि यह सामान्य मुंह का छाला है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा। लेकिन कई सप्ताह बीतने के बाद भी घाव नहीं भरा और उसमें दर्द व असहजता बढ़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों से जांच कराने पर बायोप्सी में पता चला कि यह स्टेज-2 ओरल कैंसर है।
ओरल कैंसर क्या होता है?
ओरल कैंसर यानी मुंह का कैंसर, मुंह, जीभ, मसूड़ों, गालों की अंदरूनी परत, होंठ या मुंह के अन्य हिस्सों में विकसित हो सकता है। यदि शुरुआती चरण में इसकी पहचान हो जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना काफी अधिक होती है। लेकिन देर होने पर सर्जरी, रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी जैसी जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मुंह में कोई छाला या घाव दो से तीन सप्ताह तक ठीक नहीं होता, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा ये लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं—
- मुंह में लंबे समय तक रहने वाला घाव या छाला।
- जीभ या मुंह में लगातार दर्द।
- खाने या निगलने में कठिनाई।
- मुंह से बिना कारण खून आना।
- जीभ या मुंह में सफेद या लाल धब्बे।
- बोलने में परेशानी या आवाज में बदलाव।
किन लोगों में अधिक खतरा?
तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन ओरल कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। हालांकि, कुछ मामलों में बिना इन आदतों के भी यह बीमारी हो सकती है। इसलिए केवल जोखिम कारकों के आधार पर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
समय पर जांच क्यों जरूरी?
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले किसी भी मुंह के घाव की जांच कराना बेहद जरूरी है। जरूरत पड़ने पर बायोप्सी जैसी जांच से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि घाव सामान्य है या कैंसर का संकेत। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इलाज आसान और अधिक प्रभावी होता है।
यह घटना लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि मुंह में होने वाले हर लंबे समय तक बने रहने वाले घाव को सामान्य छाला समझकर अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। समय पर डॉक्टर से सलाह और जांच न केवल गंभीर बीमारी का जल्द पता लगाने में मदद करती है, बल्कि कई मामलों में जीवन भी बचा सकती है।
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