World Thyroid Day 2026: क्यों होती है थायरॉइड की बीमारी? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके


 

तेजी से बढ़ रही थायरॉइड की समस्या

हर साल 25 मई को World Thyroid Day 2026 मनाया जाता है, ताकि लोगों को थायरॉइड से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके। आज दुनियाभर में करोड़ों लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। खासतौर पर महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों की तुलना में लगभग 8 गुना ज्यादा देखी जाती है। बदलती जीवनशैली, खराब खानपान, तनाव और शरीर में पोषक तत्वों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

क्या है थायरॉइड बीमारी?

थायरॉइड गर्दन के सामने मौजूद एक छोटी तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह ग्रंथि जरूरत से ज्यादा या कम हार्मोन बनाने लगती है, तब थायरॉइड की समस्या पैदा होती है।

मुख्य रूप से यह दो प्रकार की होती है—

  • हाइपोथायरॉइडिज्म: जब हार्मोन कम बनने लगते हैं
  • हाइपरथायरॉइडिज्म: जब हार्मोन जरूरत से ज्यादा बनने लगते हैं

किन कमियों से बढ़ता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी थायरॉइड रोग का खतरा बढ़ा सकती है।

आयोडीन की कमी

आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए बेहद जरूरी तत्व है। इसकी कमी होने पर ग्रंथि ठीक से काम नहीं कर पाती। यही वजह है कि आयोडीन युक्त नमक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

सेलेनियम और जिंक की कमी

सेलेनियम और जिंक जैसे मिनरल्स थायरॉइड हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इनकी कमी से थकान, कमजोरी और हार्मोन असंतुलन की समस्या बढ़ सकती है।

विटामिन D और B12 की कमी

कमजोर इम्यून सिस्टम और लगातार थकान भी थायरॉइड से जुड़ी हो सकती है। कई मरीजों में विटामिन D और B12 की कमी देखी जाती है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।

थायरॉइड के सामान्य लक्षण

थायरॉइड की बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

  • अचानक वजन बढ़ना या घटना
  • हमेशा थकान महसूस होना
  • बाल झड़ना
  • त्वचा का रूखा होना
  • तनाव और मूड स्विंग
  • नींद में परेशानी
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना

यदि लंबे समय तक ऐसे लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

कैसे मिलेगा आराम?

थायरॉइड को पूरी तरह नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • आयोडीन युक्त नमक का सेवन करें
  • रोजाना हल्का व्यायाम करें
  • तनाव कम रखें
  • पर्याप्त नींद लें
  • समय-समय पर थायरॉइड टेस्ट करवाएं

डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए। सही इलाज, नियमित जांच और हेल्दी लाइफस्टाइल से थायरॉइड को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है

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