देशभर में पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार और दूरसंचार नियामक TRAI एक ऐसे नए सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत यूजर्स को अलग-अलग पब्लिक हॉटस्पॉट पर बार-बार OTP डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद इंटरनेट एक्सेस को आसान, तेज और ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
फिलहाल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस अड्डे, मॉल, कैफे और सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध Wi-Fi नेटवर्क इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को हर बार मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP के जरिए लॉगिन करना पड़ता है। कई बार नेटवर्क की समस्या या OTP देर से आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने पर यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है।
प्रस्ताव के अनुसार, यूजर्स को एक बार रजिस्ट्रेशन या ऑथेंटिकेशन करने के बाद देशभर के विभिन्न पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क पर सहज तरीके से इंटरनेट एक्सेस मिल सकेगा। यानी हर नए हॉटस्पॉट पर दोबारा OTP डालने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे खासतौर पर यात्रियों, छात्रों और डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूती मिलेगी। आसान इंटरनेट एक्सेस के कारण ऑनलाइन सेवाओं, यूपीआई पेमेंट, ई-गवर्नेंस और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छोटे कारोबारियों और सार्वजनिक Wi-Fi प्रदाताओं के लिए भी नेटवर्क उपयोग बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नया सिस्टम ‘सिंगल साइन-ऑन’ या यूनिफाइड ऑथेंटिकेशन मॉडल पर आधारित हो सकता है। इसमें यूजर की पहचान सुरक्षित तरीके से सत्यापित की जाएगी, जिससे साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन को भी मजबूत किया जा सके। सरकार इस बात पर भी जोर दे रही है कि उपयोगकर्ता का डेटा सुरक्षित रहे और नेटवर्क का दुरुपयोग न हो।
TRAI ने इस प्रस्ताव पर टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि सभी पक्षों की राय लेने के बाद सरकार जल्द इस दिशा में नीति संबंधी फैसला ले सकती है।
यदि यह योजना लागू होती है, तो भारत में पब्लिक इंटरनेट एक्सेस का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। यूजर्स को तेज, आसान और बिना रुकावट वाला इंटरनेट मिलेगा, जबकि डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल भी पहले से अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
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