Uttar Pradesh ने जीएसटी संग्रह में बनाया रिकॉर्ड, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा


 Uttar Pradesh ने जीएसटी संग्रह के मामले में नया रिकॉर्ड बनाते हुए देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। अप्रैल 2026 में राज्य में कुल 10,178 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह दर्ज किया गया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने Karnataka, Gujarat और Tamil Nadu जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया।

देश में जीएसटी संग्रह के मामले में Maharashtra अब भी पहले स्थान पर बना हुआ है, जहां अप्रैल महीने में 22,929 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश की इस तेज बढ़त को राज्य की मजबूत आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक विस्तार और बेहतर कर प्रशासन का परिणाम माना जा रहा है।

राज्य सरकार के अनुसार, डिजिटल मॉनिटरिंग, कर चोरी पर सख्ती और व्यापार प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने से जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती गतिविधियों ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे निवेश और औद्योगिक विकास का असर अब कर संग्रह के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने व्यापार को आसान बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसका फायदा अब राजस्व के रूप में मिल रहा है।

जीएसटी संग्रह में हुई यह बढ़ोतरी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। इससे सरकार को विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं पर खर्च बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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