UAE: बराकाह परमाणु संयंत्र पर हमले से बढ़ा तनाव, पश्चिम एशिया में फिर युद्ध का खतरा

 संयुक्त अरब अमीरात में स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस हमले के बाद आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन शक ईरान पर जताया जा रहा है।

क्यों अहम है बराकाह परमाणु संयंत्र?

बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूएई ही नहीं बल्कि पूरी अरब दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अरब देशों का पहला और एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। करीब 20 अरब डॉलर की लागत से दक्षिण कोरिया की साझेदारी में बने इस प्रोजेक्ट ने साल 2021 में पूरी तरह व्यावसायिक संचालन शुरू किया था।

यह संयंत्र यूएई की कुल बिजली जरूरत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है। साथ ही 2050 तक ‘नेट जीरो’ लक्ष्य हासिल करने की यूएई की रणनीति में इसकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।

यूएई इस परियोजना का संचालन अमेरिका की तकनीकी मदद से करता है। समझौते के तहत यूएई खुद यूरेनियम संवर्धन नहीं करता बल्कि परमाणु ईंधन आयात करता है। यही वजह है कि बराकाह परियोजना को दुनिया के सामने शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु कार्यक्रम के मॉडल के तौर पर पेश किया जाता रहा है।

हमले में क्या हुआ नुकसान?

रविवार शाम हुए ड्रोन हमले के बाद संयंत्र परिसर की बाहरी सीमा पर आग लग गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बिजली जनरेटर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि यूएई सरकार ने साफ किया है कि किसी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ और जनता के लिए कोई खतरा नहीं है।

यूएई रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ड्रोन हमले के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

भारत ने जताई चिंता

भारत ने इस हमले पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु संयंत्र को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है और इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

ईरान और यूएई के बीच बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान और यूएई के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ समय में ईरान की ओर से यूएई पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में इस्राइल और यूएई के बीच बढ़ती नजदीकियों से ईरान नाराज है। यही वजह है कि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

अब बराकाह परमाणु संयंत्र पर हमला होने के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। अगर तनाव कम नहीं हुआ तो क्षेत्र एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।

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