Petrol-Diesel Price Hike: 10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम जनता पर बढ़ा बोझ


 देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए यह चिंता का विषय बनता जा रहा है।

नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई, चेन्नई और कोलकाता समेत अन्य बड़े शहरों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण ईंधन महंगा हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में महंगाई का दबाव आम परिवारों पर और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।

लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि सरकार को टैक्स में राहत देकर जनता को कुछ राहत पहुंचानी चाहिए। दूसरी ओर सरकार का तर्क है कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दामों में बदलाव संभव माना जा रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो लोगों को आगे और महंगे पेट्रोल-डीजल का सामना करना पड़ सकता है।

लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है और अब सभी की नजर सरकार तथा तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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