NFHS-6: बच्चों की मौत की बड़ी वजह पर काबू, गंभीर दस्त के मामलों में आई कमी


 देश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बच्चों में गंभीर दस्त (डायरिया) के मामलों में कमी दर्ज की गई है, जो बाल मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में गंभीर दस्त की घटनाएं NFHS-5 के 0.7 प्रतिशत से घटकर NFHS-6 में 0.5 प्रतिशत रह गई हैं। यह सुधार स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

गंभीर दस्त लंबे समय से दुनिया भर में छोटे बच्चों की मौत के प्रमुख कारणों में शामिल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी बच्चों में डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।

सरकार का मानना है कि स्वच्छ पेयजल की बेहतर उपलब्धता, टीकाकरण कार्यक्रमों का विस्तार, पोषण योजनाएं और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ती पहुंच ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखना जरूरी है ताकि बच्चों को रोकी जा सकने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।

NFHS-6 के ये आंकड़े संकेत देते हैं कि देश में बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं और गंभीर दस्त जैसी जानलेवा समस्या पर धीरे-धीरे प्रभावी नियंत्रण पाया जा रहा है।

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