गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में लोग अपनी डाइट में कई देसी उपाय शामिल करते हैं। भारतीय रसोई में मौजूद जीरा और सौंफ दोनों ही ऐसे मसाले हैं, जिन्हें सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए आखिर इनमें से कौन ज्यादा असरदार है? आइए जानते हैं।
सौंफ क्यों मानी जाती है ज्यादा कूलिंग?
सौंफ की तासीर ठंडी मानी जाती है। यही वजह है कि गर्मियों में सौंफ का इस्तेमाल शरबत, माउथ फ्रेशनर और घरेलू ड्रिंक्स में खूब किया जाता है। सौंफ शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पेट की गर्मी, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।
कई लोग गर्मियों में सौंफ का पानी पीना पसंद करते हैं। माना जाता है कि यह शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी गर्मी कम करने में मदद करता है। इसके अलावा सौंफ मुंह की बदबू दूर करने और पेट को हल्का रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है।
जीरा के क्या हैं फायदे?
जीरा भी सेहत के लिए बेहद उपयोगी मसाला है। यह पाचन सुधारने, गैस और अपच कम करने में मदद करता है। गर्मियों में जीरे का पानी पीने की सलाह भी दी जाती है क्योंकि यह शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
हालांकि आयुर्वेद के अनुसार जीरे की तासीर हल्की गर्म मानी जाती है। इसलिए शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के मामले में सौंफ को ज्यादा असरदार माना जाता है। लेकिन अगर किसी को पाचन संबंधी समस्या ज्यादा रहती है, तो जीरा काफी लाभकारी साबित हो सकता है।
कौन है बेहतर विकल्प?
अगर आपका उद्देश्य गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना और पेट की गर्मी कम करना है, तो सौंफ बेहतर विकल्प मानी जा सकती है। वहीं यदि आप पाचन सुधारना चाहते हैं और गैस या अपच की समस्या से परेशान रहते हैं, तो जीरा ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
दोनों का साथ में भी कर सकते हैं इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार जीरा और सौंफ दोनों को संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। कई लोग जीरा-सौंफ का पानी बनाकर भी पीते हैं, जो पाचन और ठंडक दोनों में मदद कर सकता है।
गर्मी के मौसम में सही खानपान और पर्याप्त पानी के साथ इन देसी मसालों का संतुलित इस्तेमाल आपकी सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ