देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही शरीर को डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं की ओर धकेल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है। इसी को लेकर एम्स की डायटीशियन ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं, जो गर्मी के मौसम में आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो और जो आसानी से पच जाएं। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। इनमें लगभग 90 प्रतिशत तक पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और तापमान नियंत्रित करने में मदद करता है।
गर्मियों में क्या खाएं?
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तरबूज और खरबूजा जैसे मौसमी फल
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खीरा और ककड़ी
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दही, छाछ और नारियल पानी
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नींबू पानी और ORS
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हल्का और कम मसालेदार भोजन
डायटीशियन के अनुसार, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। इससे पाचन पर भी असर पड़ता है और शरीर जल्दी थकने लगता है।
लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
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दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
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बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
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हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें।
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बार-बार पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे।
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बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।
हीटस्ट्रोक के लक्षण क्या हैं?
हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
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तेज बुखार
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चक्कर आना
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अत्यधिक कमजोरी
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सिरदर्द
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उल्टी या मतली
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बेहोशी
यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में खानपान और पानी का सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सावधानी और सही डाइट अपनाकर तेज गर्मी और लू के खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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