अगर आपको बार-बार छींक आना, नाक बहना, आंखों में खुजली या लगातार जुकाम जैसी समस्या हो रही है, तो इसे सिर्फ सामान्य वायरल फीवर या सर्दी-जुकाम समझने की गलती न करें। कई बार ये लक्षण Hay Fever यानी एलर्जिक राइनाइटिस के भी हो सकते हैं। बदलते मौसम, धूल, परागकण और प्रदूषण के कारण हे फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य सर्दी-जुकाम और हे फीवर के लक्षण काफी हद तक एक जैसे दिखते हैं, लेकिन दोनों की वजह और इलाज अलग होता है। सर्दी-जुकाम आमतौर पर वायरस संक्रमण के कारण होता है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। वहीं हे फीवर एलर्जी की वजह से होता है और एलर्जी पैदा करने वाले कारकों के संपर्क में आते ही बार-बार शुरू हो सकता है।
कैसे पहचानें हे फीवर?
हे फीवर में अक्सर लगातार छींकें आना, नाक बंद या बहना, आंखों में पानी और खुजली, गले में खराश और सिर भारी लगने जैसी समस्याएं होती हैं। कई लोगों को थकान और नींद की परेशानी भी महसूस हो सकती है। खास बात यह है कि इसमें आमतौर पर तेज बुखार नहीं होता, जबकि वायरल संक्रमण में बुखार और शरीर दर्द ज्यादा देखने को मिलता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
धूल, धुआं, पालतू जानवरों के बाल, परागकण और प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले लोगों में हे फीवर का खतरा अधिक होता है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या अस्थमा की समस्या है, उनमें इसका जोखिम और बढ़ सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से दूरी बनाकर रखें। बाहर से आने के बाद हाथ और चेहरा अच्छी तरह धोएं। घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और ज्यादा धूल वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार होने वाले जुकाम को हल्के में लेना सही नहीं है। सही समय पर पहचान और उपचार से हे फीवर को नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
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