Haryana Health Report: हरियाणा में बीमार होना पड़ रहा महंगा, इलाज पर प्रति मरीज 11 हजार रुपये तक खर्च


 हरियाणा में इलाज कराना लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। एक हालिया स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज का खर्च राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 66 प्रतिशत तक ज्यादा है। यही वजह है कि आम लोगों को बीमारी के दौरान अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करनी पड़ रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में एक मरीज को इलाज के लिए औसतन लगभग 11 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इसमें दवाइयां, जांच, अस्पताल में भर्ती, यात्रा और अन्य मेडिकल जरूरतें शामिल हैं। खास बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों का खर्च उम्मीद से ज्यादा सामने आया है, जबकि आमतौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सुविधाओं की कमी, बाहर से दवाइयां खरीदने की मजबूरी और जांच सेवाओं का निजी केंद्रों पर निर्भर होना मरीजों का खर्च बढ़ा रहा है। कई मामलों में लोगों को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां खर्च और अधिक बढ़ जाता है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी व निजी अस्पतालों को मिलाकर देखा जाए तो हरियाणा में कुल औसत स्वास्थ्य खर्च कुछ अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। इसके बावजूद राज्य के सरकारी अस्पतालों का खर्च राष्ट्रीय स्तर की तुलना में अधिक होना चिंता का विषय माना जा रहा है।

ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए अचानक आने वाला मेडिकल खर्च आर्थिक बोझ बन जाता है। कई परिवार इलाज के लिए कर्ज लेने या बचत तोड़ने तक को मजबूर हो जाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर हो जाए तो मरीजों का जेब खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने की भी जरूरत बताई जा रही है, ताकि लोगों को शुरुआती स्तर पर ही सही इलाज मिल सके।

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