Donald Trump के चीन दौरे से US-China रिश्तों में नया मोड़, व्यापार और ताइवान पर होगी अहम चर्चा


 करीब नौ साल बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति आधिकारिक तौर पर चीन की यात्रा पर जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump 13 से 15 मई तक चीन दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों को नई दिशा दे सकती है।

अमेरिका और चीन के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, तकनीक, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और सुरक्षा मुद्दों को लेकर लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे समय में यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद और टैरिफ को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

व्यापार युद्ध पर फोकस

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव पिछले कई वर्षों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता रहा है। अमेरिका लगातार चीन पर अनुचित व्यापारिक नीतियों और अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाता रहा है। वहीं चीन अमेरिकी प्रतिबंधों और तकनीकी नियंत्रणों का विरोध करता रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और सप्लाई चेन सहयोग को लेकर बातचीत हो सकती है। वैश्विक बाजार भी इस बैठक पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।

ताइवान मुद्दे पर भी अहम चर्चा

ताइवान का मुद्दा अमेरिका और चीन के रिश्तों में सबसे संवेदनशील विषयों में गिना जाता है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देता रहा है। हाल के वर्षों में ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा है और चीन कई बार सैन्य अभ्यास भी कर चुका है।

ऐसे में ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में ताइवान को लेकर रणनीतिक बातचीत होने की पूरी संभावना है। माना जा रहा है कि दोनों देश क्षेत्रीय तनाव कम करने और सैन्य टकराव से बचने के रास्तों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

तकनीक और सुरक्षा पर नजर

व्यापार और ताइवान के अलावा दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। अमेरिका ने कई चीनी टेक कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि चीन ने भी जवाबी कदम उठाए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

दुनिया की नजर इस मुलाकात पर

United States और China के रिश्ते सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में ट्रंप का यह चीन दौरा वैश्विक स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह मुलाकात दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सफल हो पाती है या नहीं।

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