Digital Census: दिल्ली में शुरू हुई डिजिटल जनगणना, 20 मिनट में पूरे हो रहे 33 सवाल


 दिल्ली में डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत लोग अब ऑनलाइन माध्यम से खुद अपनी जनगणना जानकारी भर सकते हैं। सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया बेहद आसान है और करीब 20 मिनट में 33 सवालों के जवाब देकर स्व-गणना पूरी की जा सकती है।

डिजिटल जनगणना के पहले ही दिन दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कई मंत्रियों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कराई। नेताओं ने लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की और इसे आधुनिक भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया।

सरकार के अनुसार, डिजिटल जनगणना का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाना है। पहले जहां जनगणना कर्मियों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करनी पड़ती थी, वहीं अब नागरिक स्वयं पोर्टल या मोबाइल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और डेटा प्रोसेसिंग भी तेजी से हो सकेगी।

स्व-गणना के दौरान परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, आयु, वैवाहिक स्थिति, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सवालों को सरल भाषा में तैयार किया गया है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

दिल्ली सरकार और प्रशासन ने लोगों से सही और पूरी जानकारी देने की अपील की है, क्योंकि जनगणना के आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और संसाधनों के वितरण में अहम भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम अपनाने से डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी।

अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों के पास इंटरनेट या डिजिटल सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पारंपरिक तरीके से भी जनगणना की व्यवस्था जारी रहेगी। यानी जरूरत पड़ने पर गणनाकर्मी घर जाकर भी जानकारी एकत्र करेंगे।

डिजिटल जनगणना को देश में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक तेज और प्रभावी बन सकेगी।

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