‘कोई भी शिकायत अनसुलझी नहीं छोड़ेंगे’: शिक्षा मंत्री का छात्रों को भरोसा, CBSE ने शुरू की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया


 सीबीएसई की ओएसएम (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को बड़ा आश्वासन दिया है। गुरुवार को शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और माना कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और बोर्ड इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और किसी भी छात्र की शिकायत को अनसुलझा नहीं छोड़ा जाएगा।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा, “ओएसएम प्रक्रिया में जो भी खामियां सामने आई हैं, उसका मैं दायित्व लेता हूं। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जिन छात्रों ने अपनी कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर शिकायत दर्ज कराई है, उनकी जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद ली जाएगी। इसके तहत Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Technology Madras जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी। इसके अलावा पीएसयू बैंकों की तकनीकी टीमों को भी प्रक्रिया को और पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए शामिल किया जाएगा।

सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, कुछ छात्रों ने अंकन में त्रुटियों और उत्तर पुस्तिकाओं के सही तरीके से मूल्यांकन न होने की शिकायत की थी। इन शिकायतों के सामने आने के बाद बोर्ड ने तुरंत समीक्षा प्रक्रिया शुरू की। अब छात्रों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गलती को सुधारा जा सके।

शिक्षा मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। ओएसएम प्रणाली में इस्तेमाल हो रही तकनीक, मॉनिटरिंग सिस्टम और परीक्षकों की ट्रेनिंग को लेकर भी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इस मुद्दे को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल था, लेकिन शिक्षा मंत्री के बयान के बाद राहत की उम्मीद बढ़ी है। सरकार का कहना है कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और हर शिकायत का निष्पक्ष समाधान किया जाएगा।

अब सभी की नजरें पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के परिणामों और सीबीएसई द्वारा लागू किए जाने वाले नए सुधारों पर टिकी हुई हैं।

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