कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी मिनरल है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के साथ मांसपेशियों, नसों और दिल के सही कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
अगर आप भी बार-बार कमजोरी या शरीर में दर्द महसूस करते हैं, तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं इसके कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में।
1. हड्डियों और जोड़ों में दर्द
शरीर में कैल्शियम कम होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे पीठ, घुटनों और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। कई लोगों को सीढ़ियां चढ़ने या लंबे समय तक खड़े रहने में भी परेशानी महसूस होती है।
2. मांसपेशियों में ऐंठन
बार-बार मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन होना भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। खासतौर पर पैरों में रात के समय होने वाली ऐंठन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
3. दांत कमजोर होना
कैल्शियम की कमी का असर दांतों पर भी पड़ता है। दांतों में संवेदनशीलता, कमजोरी या जल्दी खराब होने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।
4. जल्दी थकान महसूस होना
अगर बिना ज्यादा काम किए ही थकान महसूस होती है या शरीर में कमजोरी बनी रहती है, तो यह भी कैल्शियम की कमी से जुड़ा हो सकता है।
5. नाखून और बाल कमजोर होना
कमजोर और टूटने वाले नाखून, साथ ही बालों का ज्यादा झड़ना भी शरीर में पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है, जिसमें कैल्शियम की कमी भी शामिल है।
6. हाथ-पैरों में झनझनाहट
कई बार कैल्शियम की कमी के कारण नसों पर असर पड़ता है, जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
कैल्शियम की कमी से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, तिल और सूखे मेवे जैसी चीजों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही शरीर में विटामिन-D का सही स्तर होना भी जरूरी है, क्योंकि यह कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
अगर लंबे समय तक ऐसे लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवाना जरूरी है। सही समय पर पहचान और संतुलित आहार से कैल्शियम की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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