कौन थे चंद्रनाथ रथ? पूर्व वायुसेना कर्मी से शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी बनने तक का सफर


 पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में हुई सनसनीखेज गोलीबारी में चंद्रनाथ रथ की मौत ने राज्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हमलावरों ने उनकी कार का पीछा करते हुए दोहारिया इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग की। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां सीधे चंद्रनाथ रथ के सिर में लगीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चंद्रनाथ रथ का नाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास पहचान रखता था। वे भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी रह चुके थे और अनुशासन तथा रणनीतिक सोच के लिए जाने जाते थे। वायुसेना से सेवा समाप्त करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। धीरे-धीरे उनका जुड़ाव बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से हुआ।

राजनीतिक गलियारों में चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। वे संगठनात्मक कामकाज, जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। कई अहम राजनीतिक बैठकों और अभियानों में उनकी सक्रिय मौजूदगी देखी जाती थी। बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी।

बताया जाता है कि चंद्रनाथ रथ लंबे समय से पार्टी संगठन को मजबूत करने के काम में लगे थे। वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखते थे और चुनावी रणनीतियों में भी उनकी भूमिका अहम मानी जाती थी। शुभेंदु अधिकारी के करीबी होने के कारण वे अक्सर राजनीतिक चर्चाओं में भी बने रहते थे।

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित हमला माना जा रहा है। हालांकि अभी तक हमलावरों की पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।

बीजेपी नेताओं ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

चंद्रनाथ रथ की हत्या ने बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक पूर्व वायुसेना कर्मी से लेकर एक प्रभावशाली राजनीतिक सहयोगी बनने तक का उनका सफर अब अचानक दर्दनाक अंत तक पहुंच गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ