“अपार्टमेंट गेट के सामने शराब ठेका बना महिलाओं-बच्चों के लिए खतरा, हटाने को सड़कों पर उतरेगा दिलबाग रोज गार्डन”



उत्तरप्रदेश / कानपुर : के दिलबाग रोज गार्डन ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपार्टमेंट गेट के सामने संचालित शराब ठेके को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का आरोप है कि ठेके के कारण सोसाइटी में रहने वाली महिलाओं और बच्चों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर नशा मुक्त भारत अभियान के तहत प्रेसवार्ता आयोजित की गई।

प्रेसवार्ता में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एवं एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरु ज्योति बाबा ने कहा कि अपार्टमेंट में 250 से अधिक फ्लैट्स हैं, जहां करीब 300 बच्चे और 500 से ज्यादा महिलाएं रहती हैं। उनके अनुसार शराब ठेके पर रोज शाम भीड़, गाली-गलौज, खुलेआम पेशाब और मारपीट जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। पिछले चार महीनों में महिलाओं से छेड़छाड़ की कई घटनाएं भी सामने आई हैं।

ज्योति बाबा ने दावा किया कि NCRB 2023 के आंकड़ों के अनुसार रिहायशी इलाकों में शराब दुकानों के 500 मीटर दायरे में महिलाओं के खिलाफ अपराध 41 प्रतिशत अधिक होते हैं। वहीं AIIMS 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में रहने वाले 68 प्रतिशत बच्चों में एंजाइटी और पढ़ाई में गिरावट देखी गई है।

एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 37-क के तहत स्कूल, धार्मिक स्थल और घनी आबादी के मुख्य द्वार से 100 मीटर के भीतर शराब बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन यहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके तहत 29 मई को जनचेतना एवं जागरूकता के लिए सांकेतिक नशा मुक्ति कार रैली निकाली जाएगी। 30 मई को वृहद हस्ताक्षर अभियान चलाकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं 31 मई, विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर “नशा, कानून और बच्चे” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

सचिव तरुणा सरदाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य और मातृशक्ति के सम्मान को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग धारा 37-क के तहत तत्काल लाइसेंस निरस्त कर ठेका 500 मीटर दूर शिफ्ट करे।

पूर्व राज्य मंत्री गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि अपार्टमेंट गेट पर खुला शराब ठेका महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल पैदा कर रहा है, इसलिए इसे हटाना सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टि से जरूरी है।

राष्ट्रीय अटल आरोग्य संघ के अध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार मिश्रा ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन एक्ट 2015 की धारा 77 के तहत नाबालिगों को शराब बेचना गंभीर अपराध है, जिसमें 7 साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां नाबालिगों को भी खुलेआम शराब बेची जा रही है।

प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष जसबीर सिंह जुनेजा, कोषाध्यक्ष राकेश चंद्र श्रीवास्तव सहित रश्मि जैन, सतपाल सिंह, अतुल गुप्ता, राजकुमार गुरनानी, अमरजीत सिंह, मनोज चावला, वेद श्रीवास्तव, राजेश निगम और ओम द्विवेदी समेत कई सदस्य मौजूद रहे।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ