होर्मुज संकट के बीच भारत में पर्याप्त ईंधन भंडार, सरकार ने दिया भरोसा


 Hardeep Singh Puri ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरुमध्य के आसपास बने हालात के बीच देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। इसी का परिणाम है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर रखा है, ताकि आम जनता पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का संकट अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

हरदीप पुरी ने कहा कि भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। देश अब केवल एक या दो क्षेत्रों पर निर्भर नहीं है, बल्कि कई देशों से तेल और गैस आयात कर रहा है। इससे किसी एक क्षेत्र में संकट पैदा होने पर आपूर्ति पर सीमित असर पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और सरकारी तैयारियों की वजह से देश किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर त्वरित फैसले लेने के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर घबराने जैसी स्थिति नहीं है। सरकार का कहना है कि आम लोगों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता में किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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