गर्मी के मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में कई दुकानदार ग्राहकों से बोतल ठंडी करने के नाम पर एमआरपी (MRP) से 2 से 5 रुपये तक ज्यादा वसूल लेते हैं। अक्सर लोग बिना सवाल किए अतिरिक्त पैसे दे भी देते हैं, लेकिन क्या यह नियमों के अनुसार सही है?
उपभोक्ता अधिकारों के अनुसार, किसी पैकेज्ड प्रोडक्ट पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत यानी MRP से ज्यादा रकम वसूलना सामान्य परिस्थितियों में गलत माना जाता है। चाहे बोतल ठंडी हो या सामान्य तापमान पर, दुकानदार ग्राहक से तय MRP से अधिक कीमत नहीं ले सकता।
विशेषज्ञों के मुताबिक दुकानदार अक्सर यह तर्क देते हैं कि बिजली खर्च और रेफ्रिजरेशन की लागत के कारण वे अतिरिक्त पैसे लेते हैं। हालांकि उपभोक्ता कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केवल ठंडा करने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने की अनुमति देता हो। यदि किसी बोतल पर 20 रुपये MRP लिखी है, तो दुकानदार को वही कीमत लेनी चाहिए।
हालांकि कुछ जगहों पर स्थिति अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल या मल्टीप्लेक्स जैसी जगहों पर सर्विस और सुविधाओं के कारण अलग कीमतें लागू हो सकती हैं। वहां उत्पाद सेवा के हिस्से के रूप में बेचा जाता है, इसलिए कीमत अधिक हो सकती है। लेकिन सामान्य किराना दुकान, ठेला या छोटे स्टोर पर एमआरपी से ज्यादा वसूली उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानी जा सकती है।
अगर कोई दुकानदार ज्यादा पैसे मांगता है तो ग्राहक उससे बिल मांग सकते हैं और MRP दिखाकर आपत्ति जता सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता हेल्पलाइन या संबंधित विभाग में शिकायत भी की जा सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहक हमेशा पैकेज पर लिखी MRP जरूर जांचें और बिना जानकारी के अतिरिक्त भुगतान न करें। छोटी-सी जागरूकता आपके अधिकारों की रक्षा कर सकती है।
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