असम में मंगलवार को नई सरकार का गठन हो गया। Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाली। गुवाहाटी के खानापारा इलाके में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियां और समर्थक मौजूद रहे। समारोह को लेकर पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए शासित राज्यों के प्रमुख नेता भी समारोह का हिस्सा बने। कार्यक्रम के दौरान भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ चार नवनिर्वाचित विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें सहयोगी दलों और भाजपा के नेताओं को जगह दी गई है। नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दी। माना जा रहा है कि सरकार अनुभव और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम करेगी।
असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने विकास, कानून-व्यवस्था और मजबूत संगठनात्मक रणनीति को मुख्य मुद्दा बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश, सड़क परियोजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार को अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया। इसी रणनीति के दम पर एनडीए ने राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने में सफलता हासिल की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंत बिस्व सरमा की नेतृत्व क्षमता और चुनावी रणनीति ने भाजपा गठबंधन को बड़ी बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पिछले कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया था, जिसका असर चुनाव नतीजों में भी देखने को मिला।
नई सरकार के गठन के बाद अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा अपने दूसरे कार्यकाल में राज्य के विकास, रोजगार, निवेश और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर किस तरह आगे बढ़ते हैं।
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