- एआई एंड एवीजीसी-एक्सआर समिट में एनीमेशन, वीएफएक्स और फिल्म उद्योग से जुड़े दिग्गजों ने स्टूडेंट्स से किया संवाद
- बोले अगले चार पांच साल में 10 गुना तक उछाल आयेगा बीएफएक्स और एनीमेशन क्षेत्र की जॉब्स में
कानपुर/लखनऊ। 12वीं क्लास के बाद हो या डिग्री, डिप्लोमा के बाद, अगर हाथ में कोई हुनर या स्किल्स नहीं हैं तो खाली डिग्री और सर्टिफिकेट किसी काम नहीं आयेगा। क्रिएटिव और रचनात्मक युवाओं के लिए बीएफएक्स, एनीमेशन और एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स - एक्सटेंडेड रियलिटी) जैसे क्षेत्रों में भारी संभावनाएं हैं। आज भारत में एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में जहाँ 2.2 लाख नौकरियां हैं, वहीं अगले महज चार-पांच साल में ही ये आंकड़ा 10 गुना तक बढ़कर 20 लाख जॉब्स से भी अधिक हो जायेगा, क्योंकि खुद भारत सरकार भी 'ऑरेंज इकॉनमी', यानि रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत कौशल विकास और क्रिएटर लैब्स स्थापित किए जा रहे हैं। ये बातें शिक्षा, बीएफएक्स, एनीमेशन और फिल्म मेकिंग से जुड़े भारत के शीर्ष दिग्गजों ने कानपुर महानगर और लखनऊ के युवाओं से कही हैं। मौका था मैक (माया अकादमी ऑफ एडवांस क्रिएटिविटी) द्वारा बीते शुक्रवार लखनऊ में आयोजित "उत्तर प्रदेश एआई एंड एवीजीसी-एक्सआर समिट 2026 का। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
मैक कानपुर के सेंटर मैनेजर अभिषेक शुक्ला ने बताया कि इस सम्मेलन में कानपुर के काकादेव स्थित मैक सेंटर के 200 स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबरों ने प्रतिभाग किया। स्टूडेंट्स से इंट्रैक्ट करने वाले इन टेक दिग्गजों में रिलायंस एनीमेशन के पूर्व सीईओ, देश के पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नालॉजी (आईआईआईटी) और शक्तिमान एनिमेटेड जैसी कई सीरीज प्रड्यूस करने वाले आशीष कुलकर्णी, उनके अलावा विख्यात कैमरा कंपनी कैनन इंडिया के स्पीकर गौरव मार्कन, वोडाफोन के प्रसिद्ध डूडल एनीमेशन बनाने वाले वैभव स्टूडियोज और हाल में रिलीज होने जा रही भारत के अपनी दूसरी एनीमेशन फिल्म रिटर्न ऑफ द जंगल के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर वैभव कुमारेश, एप्टेक लिमिटेड के होल टाइम डायरेक्टर संदीप वेलिंग आदि मौजूद थे। कानपुर के मार्केटिंग हेड पंकज ने बताया मैक इंडस्ट्री से जुड़े करियर कोर्स देता है, जिसमें 3डी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग डिजिटल डिजाइन, फिल्म मेकिंग, ब्रॉडकास्ट वीआर व एआर आदि शामिल है। मैक लखनऊ और कानपुर शाखा के प्रबंधक रमन शर्मा ने कहा कि डिग्रियों और ट्रेडिशनल पढ़ाई से नौकरियां भले मिल जायें, लेकिन करियर नहीं बनते। इसलिए स्टूडेंट्स को हर हाल में कोई क्रिएटिव स्किल सीख कर भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री के हर वाक्य पर हॉल में गूंजी तालियां
सूबे के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उत्तर प्रदेश एआई एंड एवीजीसी-एक्सआर समिट 2026 के मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरें नहीं, उसको टूल के रूप में इस्तेमाल करें। भरोसा रखें, ये कभी इंसानी दिमाग से बेहतर नहीं हो सकती। वहीं कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती हमारी असुरक्षा की भावना है। सोचते हैं कि सब पास कर लिया पर नौकरी का क्या होगा! बोले कि शार्टकट से जीवन को सुरक्षित करने का प्रयास ना करें। मोटिवेशनल मुहावरा बोले कि राह छोड़ तीनों चलें...सागर, सिंह, सपूत..अर्थात् जो अलग रास्ते पर चलेगा, जीतोड़ मेहनत करेगा, वही तरक्की करेगा। कहा मैं भी साधारण किसानंका बेटा, लखनऊ तक आने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। कहा कभी किसी भी तरह से काम आ सकूं, तो आऊंगा, आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं।
सेलीब्रिटी को अपने बीच देख चहक उठे स्टूडेंट्स
थोड़े दिनों पहले ही भारत में बनी पहली फुल लेंथ एनीमेशन फिल्म नरसिम्हा ने सफलता के रिकॉर्ड तोड़ते हुए 400 करोड़ रुपये कमा डाले। अब भारत में ही बनी लगभग पौने दो घंटे की दूसरी एनीमेशन मूवी रिटर्न ऑफ द जंगल की 29 मई को होने वाली पैन-इंडिया रिलीज का देश को बेसब्री से इंतजार है। फिल्म का गाना जंगलम-मंगलम, शाका लाका, बूम बूम...पहले ही बम्पर हिट हो चुका है। फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर वैभव कुमारेश को अपने बीच देखकर सैकड़ों एनीमेशन स्टूडेंट्स झूम उठे। इसका 3डी एनीमेशन और एक्शन अब तक का बेस्ट बताया जा रहा है।


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