उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के वाराणसी दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है, जबकि कई क्षेत्रों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
सोमवार को Mohit Agrawal ने कैंप कार्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल, रूट व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और वीआईपी मूवमेंट से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों को सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों को नो-फ्लाई जोन घोषित किया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम और विशेष निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए रूफटॉप फोर्स की तैनाती की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के जवान ऊंची इमारतों और छतों पर तैनात रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। स्नाइपर टीमों और खुफिया इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान यातायात व्यवस्था में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
सीएम योगी के दौरे को लेकर वाराणसी में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।
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