‘ऐसी क्या मजबूरी है’: केजरीवाल का केंद्र पर हमला, पूछा- रूस और ईरान से सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रही सरकार?


 देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब रूस और ईरान जैसे देशों से सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध है, तो भारत उसे बड़े स्तर पर क्यों नहीं खरीद रहा।

केजरीवाल ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं, इसके बावजूद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई का पूरा बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर दूसरे देश सस्ता तेल खरीद सकते हैं, तो भारत क्यों नहीं? आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि जनता को महंगा ईंधन खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है?”

आम आदमी पार्टी का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से केवल वाहन चलाने वालों पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम करने की मांग की है।

वहीं विपक्ष के अन्य दलों ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब तेल कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है, तब जनता को राहत दी जानी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार टैक्स के जरिए भारी कमाई कर रही है और आम लोगों को राहत देने में विफल रही है।

दूसरी ओर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक तनाव की वजह से आयात लागत बढ़ी है। सरकार का दावा है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों से तेल खरीद रहा है और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक रूस से भारत पहले भी बड़ी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदता रहा है, लेकिन वैश्विक प्रतिबंधों, भुगतान प्रणाली और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण हर सौदा आसान नहीं होता। हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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