देशभर में इस समय मौसम के दो बिल्कुल अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ अंडमान-निकोबार और दक्षिण भारत के समुद्री इलाकों में मानसून ने तय समय से पहले दस्तक देकर लोगों को गर्मी से राहत देनी शुरू कर दी है, तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। कहीं झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं आसमान से आग बरस रही है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
अंडमान-निकोबार में समय से पहले पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले आगे बढ़ रहा है। मानसून ने अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह में समय से पहले दस्तक दे दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून अंडमान द्वीप समूह और अरब सागर के कई अन्य हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
आमतौर पर मानसून एक जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके छब्बीस मई तक केरल के तट पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यही वजह है कि केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में अभी से प्री-मानसून बारिश शुरू हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
केरल और तमिलनाडु में झमाझम बारिश
केरल के कई जिलों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने पटनामथिट्टा और अलाप्पुझा जैसे क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है।
तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। समुद्री हवाओं के सक्रिय होने से बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी पिछले चौबीस घंटों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कोलकाता समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है।
उत्तर भारत में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड
जहां दक्षिण भारत बारिश से राहत महसूस कर रहा है, वहीं उत्तर भारत के लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सूरज लगातार आग उगल रहा है। कई शहरों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
उत्तर प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा खराब दिखाई दे रहे हैं। यूपी के बांदा में तापमान छियालीस दशमलव चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमान में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ में भी लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं।
सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में लू का प्रकोप
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर चल रहा है। दिन के समय तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी हालात लगभग एक जैसे बने हुए हैं। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। कई जगहों पर हीट स्ट्रोक के मामले भी सामने आने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो गर्मी और अधिक खतरनाक रूप ले सकती है।
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी तपिश
हरियाणा और पंजाब के कई शहरों में तापमान बयालीस से चवालीस डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सिरसा, हिसार, रोहतक और बठिंडा जैसे शहरों में लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। गर्म हवाओं के कारण बाजारों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है।
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। चंडीगढ़ में भी तापमान चालीस डिग्री के पार पहुंच चुका है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान उत्तर भारत के कई हिस्सों में और अधिक भीषण लू चल सकती है।
पहाड़ों पर भी बढ़ी गर्मी
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी इस बार गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान सैंतीस दशमलव चार डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पहाड़ी क्षेत्रों के हिसाब से काफी ज्यादा माना जाता है।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि उन्नीस मई से मौसम में बदलाव आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जैसे क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बाईस और तेईस मई को कई स्थानों पर बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार उत्तर भारत में गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण शुष्क हवाएं और लगातार साफ आसमान है। बादल न होने की वजह से सूरज की तेज किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
इसके अलावा शहरीकरण, प्रदूषण और पेड़ों की कमी भी गर्मी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में तापमान में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।
लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों को इस भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक दोपहर बारह बजे से लेकर तीन बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचना चाहिए।
अगर जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर ही निकलें। हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को कम गर्मी लगे।
विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। प्यास न लगने पर भी शरीर में पानी की कमी न होने दें। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने से शरीर हाइड्रेट रहता है।
बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है क्योंकि लू का असर इन लोगों पर ज्यादा जल्दी होता है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद कुछ राज्यों में हल्की बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं। अगर मानसून इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा तो इस बार केरल में समय से पहले मानसून पहुंच सकता है, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल देश के एक हिस्से में बारिश का स्वागत हो रहा है, जबकि दूसरे हिस्से में लोग तपती गर्मी और लू से राहत का इंतजार कर रहे हैं।

0 टिप्पणियाँ